सोमवार, 28 सितंबर 2015

हेंह, हेंह, आखिर मोदी ने किया क्या है ? (पार्ट-1) Achievements Of Modi Govt. in 16 Months





मोदी ने अभी तक जो भी achieve किया है,उन उपलब्धियों की महत्ता के अनुसार मैंने उन्हें दो श्रेणीयों में बाँट दिया है। 1॰ असाधारण एवं ऐतिहासिक उपलब्धियां 2. अति विशिष्ट उपलब्धियां। प्रस्तुत है मोदी की दोनों हीं तरह कि उपलब्धियां दो अंकों में । इस अंक में प्रस्तुत है मोदी की -  

1॰ असाधारण एवं ऐतिहासिक उपलब्धियां

1॰  बंगलादेश के साथ 40 वर्षों से भी ज्यादा समय से आधार में लटका सीमा अदला बदली सम्झौता

मात्र इस एक सम्झौते के कारण मोदी को भारत - बंगला देश के इतिहास में हमेशा याद रक्खा जाएगा। 
 
India, Bangladesh Sign Historic Deal That Ends Border Disputes Between the 2 Nations

इस एक समझौते ने न सिर्फ बंगला देश के साथ रिश्तों मे एक नई गरम जोशी एवं ठहराव पैदा किया है, बल्कि भारत, भूटान, बंगला देश एवं म्यांमार कॉरीडोर का मार्ग भी प्रशश्त कर दिया है । इस समझौते की महत्ता न सिर्फ आर्थिक बल्कि भारत की सुरक्षा के दृष्टि से भी अमूल्य है। पिछले 40 वर्षों से बॉर्डर की यह समस्या लंबित थी। मनमोहन सरकार ने भी इस समस्या का हल निकालने तथा समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास किया था, पर उन्हें इस में सफलता नहीं मिली। मोदी ने न सिर्फ ममता बनर्जी को अपने विश्वास में लिया बल्कि समझौते पर हस्ताक्षर समारोह के लिए अपने साथ बंगला देश ले जाने में भी सफल रहे।  

2॰  कोयला खदानों के आबंटन से 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा का राजस्व संग्रह  : 
याद करें मनमोहन सिंह का सोनिया अधशाशित UPA 2 का काल खंड । भारत के सारे कोयला के खदानों को मुफ्त मे सोनिया तथा कांग्रेस के चहेतों के बीच बाँट दिया गया। सरकार के खजाने में एक पैसा नहीं आया।

 

अरबों रुपये की घूसख़ोरी हुई पर कांग्रेस कहती रही कोई घपला नहीं हुआ है। मोदी सरकार के आने के बाद पूरी खदान आवंटन की प्रक्रिया को बदला गया एवं इसे नीलामी प्रक्रिया से जोड़ा गया। मनमोहन सरकार को भी यह प्रक्रिया सुझाया गया था पर सोनिया के दबाव मे उसे नही लागू किया गया और बिना कोई तार्किक प्रक्रिया अपनाए अपने चहेतों मे सारा खदान बाँट दिया गया। मैं इसे मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानता हूँ। मात्र 67 खदानों की नीलामी से मोदी सरकार ने लगभग 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा की रकम जुटा लिया, जबकि अभी भी कुछ खदान सरकार के पास नीलामी के लिए बाँकी है। भारत को जहा एक पैसा भी इन खदानों से नहीं मिल रहा था, वहीं मोदी द्वारा 4 लाख करोड़, जो किसी भी पैमाने पर एक बहुत बहुत बड़ी (huge) रकम है, इकट्ठा कर लेना, न सिर्फ इस सरकार की ईमानदारी का सबसे बड़ा प्रमाण है, बल्कि एक असाधारण उपलब्धि भी है।  

3॰ 2 जी तथा अन्य स्पेक्ट्रम की नीलामी से 1लाख 9 हजार 874 करोड़ का राजस्व संग्रह : 
याद करें कपिल सिब्बल का 2जी घोटाला के विषय मे शून्य लॉस (0 loss) वाला वयान। पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त की आड़ में मनमोहन सरकार ने सारे 2जी स्पेक्ट्रम अपने चहेतों के बीच औने पौने दाम पर आवंटित किया था। करोड़ो करोड़ के घूस का लेन देन हुआ। सोनिया निर्देशित मनमोहन सिंह की कठपुतली सरकार कहती रही कोई लॉस नहीं हुआ है। पर बाद में इसी कारण ए राजा एवं कई अन्य नेताओं को जेल भी जाना पड़ा। अभी भी केश चल ही रहा है । 
                     
                                            Image result for 2g spectrum auction results

मोदी की नई सरकार आई और इसने उन्हीं स्पेक्ट्रमों की नीलामी कर 1,09,874 करोड़ रुपया जुटाया जो कोयला की तरह ही एक असाधारण रूप से बड़ी रकम है। इस सरकार ने दिखाया कि कपिल सिब्बल जैसे भ्रष्ट नेता कितना बड़ा झूठ बोल रहे थे। सरकार यदि ईमानदार हो तो क्या हो सकता है, मोदी सरकार की उपरोक्त दोनों उपलब्धियां इसी का उदाहरण है. 

4॰ प्रधान मंत्री जन धन योजना : गिनीज़ वर्ल्ड रेकर्ड 
गरीबों को बैंकिंग नेट वर्क से जोड़ने की इस अद्भुत योजना का आज पूरी दुनिया कायल है। पिछले वर्ष 15 अगस्त को इस योजना का ऐलान मोदी ने लाल किले से किया था । मात्र 5 महीने में ही कुल 11करोड़ 50 लाख एकाउंट खोले गए जो एक वर्ल्ड रेकर्ड है, जिसे गिनीज वालों ने भी अपने वर्ल्ड रेकर्ड में दर्ज किया है। इस योजना के तहत अगस्त 2015 तक18 करोड़ 34 लाख लोगों का खाता खुल चुका है एवं करीब 24 हजार 72 करोड़ रुपया अगस्त तक एवं 32000 करोड़ रुपये सितंबर तक लोगों ने इन खातों मे जमा कराया है। न सिर्फ इतनी बड़ी संख्या में गरीबों को बैंक के नेट वर्क से जोड़ने बल्कि इतनी बड़ी रकम बैंक खातों मे गरीबों द्वारा जमा कराया जाना, दोनों ही भारत के इतिहास में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब सरकार द्वारा गरीबों के उत्थान के लिए चलाए जाने वाले किसी भी योजना का लाभ सरकार सीधे गरीबों के खाते में पहुँचा सकती है। पहले दिल्ली से चले एक रूपया में से,एक अध्ययन के अनुसार, सिर्फ 15 पैसा गरीबों तक पहुंचता था, पर अब सौ का सौ प्रतिशत रकम गरीबों तक पहुँचने का मार्ग प्रशश्त हो गया है।
                             
                                                   
 
इन खातों से गैस  सिलिन्डर पर दी जाने वाली सब्सिडी एवं अन्य योजनाओं का लाभ भी सीधे  गरीबों के खाते मे पहुँच रहा है । पहले के सिस्टम मे गरीबों का पैसा बीच मे ही बिचौलिये खा जाते  थे, पर अब नहीं। एक गणना के अनुसार इस योजना में पूर्व के मनमोहन सरकार के समय हो रहे भ्रष्टाचार के कारण लगभग 18000 करोड़ रुपये की गैस सब्सिडी जिसे भारत सरकार प्रत्येक सिलिन्डर पर देती है, वह बीच मे ही बिचौलिये खा जाते थे। पर आधार एवं जन धन बैंक एकाउंट के माध्यम से मोदी सरकार इस 18000 करोड़ के लूट को रोकने में सफल हुई है। सबसे बड़ी बात ये कि सरकार कि अन्य योजनाओं का लाभ भी अब गरीब सीधे उठा सकेंगे । सरकार एवं गरीबों के बीच जन धन बैंक एकाउंट के माध्यम से सीधा संपर्क स्थापित हो जाने के कारण गरीबी उन्मूलन एवं उन्हें स्वावलंबी बनाने की बहुत सारी सरकारी योजनाओं को कारगर ढंग से लागू करना अब आसान हो गया है। आने वाले समय मे यह एक गेम चेंजर योजना साबित होगी।

5॰ विदेशों में भारत की नई पहचान : सबसे तेज गति से विकास की ओर बढ़ता, विश्वास से लबालब, 
एक अत्यन्त शक्तिशाली, दूर द्रष्टा एवं शुद्ध भारतीय नेतृत्व मे नई ऊंचाइयों को छूता भारत : 
ये मोदी का ही कमाल है कि मात्र 16 महीने में भारत की छवि जो एक निकम्मी, कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में अक्षम, भ्रष्टाचार की जननी, देश की रक्षा एवं विदेश नीति, दोनों मे बुरी तरह असफल, आर्थिक सुधारों को गति देने में नाकाम, दिन प्रति दिन सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती महंगाई (2013 में 10.92) पर लगाम लगाने में बुरी तरह विफल, लगातार गिरते GDP ग्रोथ रेट (8.4 से घट कर 4॰7) को रोकने में असफल अर्थात पूरी दुनिया में एक (Failed Nation) असफल राष्ट्र की जो छवि बन गई थी, उसे बदलने मे कामयाब हुए हैं। यह अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है क्योंकि किसी देश की छवि मात्र एक या दो उपलब्धियों के आधार पर नहीं बदलती। बल्कि अर्थ व्यवस्था के सारे प्रचलित मान दण्ड चुस्त दुरुस्त होने चाहिए। मात्र 16 महीनों मे मोदी ने भारतीय अर्थ व्यवस्था को नया आयाम दिया है। आज महंगाई दर 10.92 से घट कर जुलाई 2015 तक के डाटा अनुसार 4.37 पर आ चुका है और लगातार घट रहा है। थोक महंगाई दर तो 2015 जुलाई तक के डाटा अनुसार गिरकर - 4.05 तक पहुँच चुका है। माइनस में थोक सूचकांक का पहुँचना अपने आप मे एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। जहां तक जीडीपी ग्रोथ रेट का प्रश्न है, आज दुनिया की लगभग सभी रेटिंग एजेंसियां भारत को सबसे तेज गति से बढ्ने वाली अर्थ व्यवस्था मान रही हैं। वर्ल्ड बैंक के अनुमान अनुसार 2015-16 में भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 7.5 से 8% तक रहने का अनुमान है जो चीन के ग्रोथ रेट से भी ज्यादा है।


प्रशासन एवं अर्थ व्यवस्था के अन्य माप दंडों पर भी इस सरकार ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विदेश नीति में लगभग सभी पडोसी देशों के साथ, सिर्फ पाकिस्तान को छोडकर, फिर से एक नए विश्वास एवं सहयोग की स्थापना, दुनिया के लगभग सभी समृद्ध एवं शक्तिशाली देशों के साथ भारत में पूंजी निवेश के लिए सम्झौता,यहाँ तक की संयुक्त अरब अमीरात जैसे मुस्लिम देश जिन्हें पाकिस्तान के साथ ज्यादा नजदीक समझा जाता था,उनके साथ भी भारत में एक बहुत ही बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश का सम्झौता, इतना ही नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भी मिलकर लड़ने तथा एक दूसरे को सहायता करने का सम्झौता, भारत की कूटनीति एवं विदेश नीति की ऐतिहासिक सफलताओं में से एक है। दुनिया आज भारत की ओर फिर से देख रहा है। विश्व की लगभग सारी बड़ी कंपनियाँ जो पिछले साल तक भारत को एक असफल देश मान चुकी थीं, आज पूंजी निवेश के लिए कतार में खड़ी हैं। ये है मात्र 16 महीने में मोदी का जादू ।  
( मोदी की अन्य विशिष्ट उपलब्धियां अगले अंक में .... )
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